ठंड में बार बार हो जाती है सर्दी- खांसी? तो बस 15 मिनट करे यह योगासन

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Yoga for Cold and Cough
Image Source ="Pixabay.com"

सर्दियों ने दस्तक देदी है तो जाहिर सी बात है कि इसका असर कई लोगो की तबियत पर होगा। सर्दी के मौसम में सर्दी, ख़ासी, जुकाम होना आम बात है।

कुछ लोगो का इम्युनिटी सिस्टम वीक होता है तो इसके चलते उन्हें बार बार सर्दी ख़ासी की समस्या हो जाती है। ऐसे में हर बार दवा खाने से बेहतर है की आप इन परेशानियों को जड़ से ख़त्म करे।

योग इन सबसे छुटकारा दिलाने में आपकी मदद करता है। योग में कुछ ऐसी मुद्राये है जो आपके शरीर को गर्म रखती है। साथ ही कुछ मुद्राये ऐसे भी है जो थाइमस ग्रंथि को उत्तेजित कर प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाती है।

यह ग्रंथि छाती के क्षेत्र में स्थित होती है और छाती के विस्तार से सक्रिय होती है। जानते है इसके लिए कौनसे योगासन है?

सेतुबंधासन (Bridge Pose)

सेतुबंधासन का अभ्यास आपकी छाती को खोलता है और थाइमस ग्रंथियों को उत्तेजित करता है। इससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है और आपको सर्दी खासी जैसी समस्याए नहीं होती।

  1. इसे करने के लिए पीठ के बल लेट जाये और अपने घुटनों को मोड़ ले। साथ ही अपने पैरों को फर्श पर सपाट रखे।
  2. अब श्वास छोड़े और अपने हाथो की ताकत का उपयोग करते हुए अपने श्रोणि को फर्श से दूर छत की तरफ करे।
  3. पांच गहरी और लगातार सांस लेने तक अपने शरीर को उसी मुद्रा में बनाये रखे।
  4. अब ऊपर बताई गयी स्टेप्स को 4 से 5 बार दोहराए।

कपलाभाती प्राणायाम (Skull Shining Breath)

कपलाभाती प्राणायाम खांसी को ठीक करने में बहुत प्रभावी है। यह आसन फेफड़ों से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करता है। यह साइनस को खोलता है और कफ को निकाल देता है।

  1. सूखास की मुद्रा में आराम से बैठे और अपने हाथों को अपने घुटनों पर रखे। हथेलिया ऊपर की और होनी चाहिए।
  2. एक लंबी गहरी साँस अंदर लें और फिर साँस छोड़ते हुए अपने पेट को अंदर की ओर खींचे।
  3. आपको अपने पेट को जितना हो सके उतना अंदर खींचना है।
  4. उसके बाद जैसे की आप पेट की मासपेशियों को ढीला छोड़ते है, साँस अपने आप ही आपके फेफड़ों में पहुँच जाती है।
  5. कपालभाति प्राणायाम के एक क्रम को पूरा करने के लिए 20 साँस छोड़े।
  6. इसके पश्चात अपनी आँखों को बंद कर लें और विश्राम करें।
  7. विश्राम के बाद इसके दो सेट और करे। इसका अभ्यास आप सुबह और शाम को कर सकते है।

उज्जायी प्राणायाम (Victorious Breathing)

उज्जायी प्राणायाम का अभ्यास करने से फेफड़ो में जमा कफ निकल जाता है। साथ ही यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को खत्म करने में भी मदद करता है।

  1. इसका अभ्यास करने के लिए सुखासन में बैठ जाये, आँखे बंद करे और हाथो को घुटनों की ऊपर रखे।
  2. अब नाक के दोनों छिद्रों से वायु को अन्दर खींचें जब तक वायु फेफड़े में भर न जाए। इस दौरान मुंह को बंद रखे।
  3. जब आप सांस लेंगे तो सिटी बजने जैसी आवाज आएगी।
  4. 5 मिनट के लिए सांस को रोक कर रखे।
  5. फिर नाक के दाएं छेद को बंद करके बाएं छेद से वायु को धीरे-धीरे बाहर निकाल दें ।
  6. वायु को बाहर छोड़ते समय गले से फुफकारना की आवाज निकलनी चाहिए।
  7. शुरुवात में इस क्रिया का अभ्यास 4-5 बार करें और फिर धीरे-धीरे अभ्यास की संख्या बढ़ाये।

इसके अलावा आप विपरीत करनी का भी अभ्यास कर सकते है। ठंड के वजह से बहुत लोगो का सिरदर्द और पीठ दर्द होता है। विपरीत करनी इन दोनों से निजात दिलाता है और मन को शांत करता है।

 

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