रिज्यूमे लिखते वक्त कभी ना करे ये 5 ग़लतियाँ, हो जायेंगे रिजेक्ट

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Resume Mistakes to Avoid
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भले ही आप एक योग्य उम्मीदवार है, लेकिन यदि आपके रिज्यूमे में छोटी सी भी गलती हो, तो हो सकता है कि आपके हाथ से जॉब इंटरव्यू देने का मौका चले जाए और आप अच्छा अवसर खो दे।

क्योंकि किसी भी कंपनी में जॉब इंटरव्यू देने से पहले आपका रिज्यूमे कंपनी के पास जाता है। आपके रिज्यूमे को देखने के बाद ही कंपनी तय करती है की आप जॉब प्रोफाइल के लिए सूटेबल कैंडिडेट है या नहीं फिर ही आपको इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। [यहाँ पढ़े: जॉब इंटरव्यू के लिए टिप्स]

इसलिए अपने रिज्यूमे में कोई भी गलती ना रखे और इसे अपडेटेड रखे ताकि आपके ड्रीम जॉब तक पहुंचने वाले आवेदन प्रक्रिया के पहले दौर में ही आप बाहर ना आ जाए। तो चलिए जानते है कुछ आम ग़लतियाँ जो अकसर लोगों से हो ही जाती है:-

टाइपोस और व्याकरण संबंधी त्रुटियां

आपके रिज्यूमे में टाइपिंग और ग्रामेटिकल मिस्टेक्स नहीं होनी चाहिए। क्योंकि जब नियोक्ता आपके रिज्यूमे को पढ़ेगा तो वो आपके बारे में अच्छा निष्कर्ष नहीं निकालेगा। उनका सोचना होगा की जो व्यक्ति खुद का रिज्यूमे लिख नहीं सकता वो हमारी कंपनी को आगे बढ़ाने में क्या योगदान दे पायेगा।

टिप: हमेशा अपने रिज्यूमे को किसी जानकार व्यक्ति से प्रूफरीड करवाए।

गलत जानकारी

कुछ लोग अपने रिज्यूमे को अच्छा बनाने के लिए कुछ ऐसी बाते ऐड कर देते हैं जो असल में होती ही नहीं। इस तरह उनका टाइम और करियर दोनों ख़राब होता हैं।

क्योंकि जब भी आपको साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है तो आपसे आपके रिज्यूमे में बताई गयी जानकारी से संबंधित प्रश्न किए जाते हैं और फिर उत्तर ना आने पर आपका इम्प्रेसन ख़राब पड़ता है।

टिप: अपने बारे में केवल सटीक और सही जानकारी देें।

जीरो कीवर्ड = नो कॉल्स

90% कंपनी रिज्यूमे को फ़िल्टर करने के लिए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने लगी है। आप जब भी अपना रिज्यूमे कंपनी को भेजते है, वह उनके डेटाबेस में स्टोर हो जाता है और फिर नियोक्ता कीवर्ड्स की मदद से रिज्यूमे फ़िल्टर कर लेते है। ऐसे में यदि आपके रिज्यूमे में सही कीवर्ड्स नहीं है तो सम्भावना है कि आपका रिज्यूमे नोटिस ही ना हो।

टिप: अपने रिज्यूमे में जॉब पोस्टिंग से मैच करते हुए और सही कीवर्ड्स का इस्तेमाल करे।

रिज्यूमे का ऑब्जेक्टिव

जब भी नियोक्ता आपका रिज्यूमे देखता है तो सबसे पहले ऑब्जेक्टिव पढता है। अधिकतर लोगो की आदत होती है कि वे ऑब्जेक्टिव लिखने में ज्यादा एफर्ट नहीं लगाते है और इंटरनेट से कॉपी पेस्ट किये गए ऑब्जेक्टिव को अपने रिज्यूमे में इस्तेमाल करते है। इस तरह का रिज्यूमे को पूरा पढ़े बिना ही रिजेक्ट कर दिया जाता है।

टिप: ऑब्जेक्टिव आपके क्वालिफिकेशन और जॉब की आवश्यकता के अनुसार होना चाहिए। साथ ही स्टेटमेंट बनाने में अच्छे से फोकस करे ताकि आपका रिज्यूमे एम्प्लॉयर का अटेंशन खींच सके।

रिज्यूमे की लेंथ

वैसे तो रिज्यूमे की लेंथ को लेकर कोई स्ट्रिक्ट रूल नहीं है क्योंकि रिज्यूमे देखने वाले नियोक्ता को नौकरी की जरुरत के अनुसार अलग अलग पसंद और अपेक्षाएँ होती है। लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं है की आप अपने रिज्यूमे को 5-6 पेजेस लंबा बनादे, या फिर अपनी महत्वपूर्ण जानकारी दिए बिना रिज्यूमे को एक पेज में ही ख़तम करदे।

टिप: आप एक से दो पेज का रिज्यूमे बनाये, नियोक्ता इसे पड़ने में भी कम्फर्टेबल रहेगा। इसमें आप महत्वपूर्ण जानकारी जैसे की आपका नाम, कांटेक्ट डिटेल्स, ऑब्जेक्टिव, आपकी पढाई, आपने जो भी ट्रेनिंग ली हो और अनुभव(अगर हो तो) वो सभी डाले, इसके अतिरिक्त अपनी पर्सनल डिटेल्स में केवल आपकी पॉजिटिव स्किल्स, अचीवमेंट और एक दो हॉबी डाल सकते है।

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