मानसिक स्वास्थ्य सुधारने और खुद को भावनात्मक रूप से मजबूत बनाने की 10 युक्तियां

0
577
10 Tips to Improve Mental Fitness
Image Source ="Pixabay.com"

आज के वक्त में व्यक्ति केवल भाग दौड़ में लगा है। हर कोई सफल होना चाहता है, पैसा कमाना चाहता है। इसके लिए कई लोग दिन रात काम करते है। और इस काम के चक्कर में वो अपने स्वास्थ्य को सबसे कम प्रायोरिटी में रख देते है।

लेकिन क्या आप जानते है जब जब आप अपने स्वास्थ्य का ख़याल नही रखते है आप अंदर से खोकले होते जाते है। इन सब के बावजूद भी स्वास्थ्य को अनदेखा कर दिया जाता है।

हम आपको बताना चाहते है की जिस प्रकार आप अपने बिज़नेस या नौकरी पर ध्यान देते है उसी प्रकार आपको अपनी सेहत पर भी ध्यान देना ज़रूरी होता है। आपको सफलता के लिए मेहनत करनी होती है, इसके लिए कोई शॉर्टकट नही है। उसी प्रकार आप यह भी समझ ले की हेल्थ में भी कोई शॉर्टकट नही होता है। इसलिए एक सफल व्यक्ति के साथ साथ फिट और हैप्पी व्यक्ति बनने की भी कोशिश करे।

जब भी बात फिटनेस की आती है। लोग फिज़िकल फिटनेस पर ज़्यादा ध्यान देते है। और यह ज़रूरी भी है, क्योकि स्वस्थ शरीर आपको बढ़ती उम्र के साथ होने वाली कई सारी परेशानिया जैसे मधुमेह, दिल की बीमारिया आदि से दूर रखता है।

लेकिन स्वस्थ रहने के लिए फिज़िकल के साथ साथ मेंटल फिटनेस पर भी ध्यान देना ज़रूरी है। मेंटल फिटनेस याने की मानसिक स्वास्थ्य आपके मस्तिष्क और भावनात्मक स्वास्थ्य को सही साठ रखने में मदद करता है।

  • मानसिक स्वास्थ्य आपके शारीरिक स्वास्थ्य की तरह महत्वपूर्ण है। विशेषकर बढ़ती उम्र में।
  • मेंटल फिटनेस आपको अपने जीवन के अप्स एंड डाउन्स को हैंडल करने की क्षमता देती है।
  • अपनी डेली लाइफ में कुछ मेंटल व्यायाम को शामिल करे। इससे आपके मन और शरीर को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।

हम आपको कुछ सरल तरीके बता रहे है, जिससे आप अपने मानसिक स्वास्थ्य बनाए रख सकते है:-

मल्टीटास्किंग करने से बचे

जब आप मल्टीटास्किंग करते है तो आपको लगता है की आप कम समय में ज़्यादा चीज़े कर पाने में सक्षम हो रहे है। लेकिन वास्तव में यह चीज़ समस्या को बढाती है। एक समय पर एक ही काम पर ध्यान केंद्रित करने से एकाग्रता में सुधार आता है और आप ज़्यादा प्रोडक्टिव बनते है।

कार्डियोवॅस्क्युलर एक्सरसाइज

कार्डियोवॅस्क्युलर एक्सरसाइज आपके मानसिक स्वास्थ्य को काफ़ी हद तक सुधारती है। यह व्यायाम उम्र के साथ मस्तिष्क की कोशिकाओ के पतन की जाँच करता है। आप बढ़ती उम्र में याददास्त कम होने जैसी चीज़ो से बचना चाहते है तो कार्डियोवॅस्क्युलर व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करे।

अपना शौक पूरा करे

अपने जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए कुछ समय अपने शौक याने अपने हॉबी को भी दे। इससे आप बहुत आनंदित महसूस करेंगे, क्योकि जो चीज़ हम पसंद से करते है वो हमे खुशी देती है। इससे आप रोजमर्रा के कार्यो से मिलने वाले तनाव से भी निजात पाते है। इससे आपका मस्तिष्क सक्रिय रहता है।

विश्राम की तकनीके

तनाव से निजात पाने के लिए केवल अच्छी नींद लेना ही काफ़ी नही है। इसके लिए आपको एक्स्ट्रा एफर्ट देना होगा। कुछ खास तकनीक जैसे ध्यान, योगा आदि से आप तनाव को अपने जीवन से दूर कर सकते है।

सोशियल मीडिया का प्रयोग कम करे

सामान्य तौर पर देखा जाए तो कनेक्शन बनाना आपकी मानसिक सेहत के लिए अच्छा है। लेकिन सोशियल मीडीया जैसी साइट्स पर फ्रेंड्स बनाना आपको कई सारी समस्याए देता है।

सोशल मीडिया पर कुछ लोगो द्वारा शो ऑफ करने वाली पोस्ट आपको परेशान कर सकती है। इसलिए सोशियल नेटवर्किंग साइट्स पर ज़्यादा समय बिताना, अवसाद के लक्षण से जोड़कर देखा गया है। इसलिए यदि आपको दोस्त बनाना है तो सोशियल मीडीया की बजाय असल जिंदगी में बनाए।

घर के काम करते वक्त डांस करे

यदि आप डांस करते करते काम करते है तो इससे आपका काम भी हो जाएगा और आपको पता भी नही चलेगा। इसके अलावा डांस करने से कोर्टिसोल लेवल (स्ट्रेस हॉर्मोन) कम होता है और एनडॉर्फिन्स (फील गुड केमिकल) बढ़ता है।

अपने ब्रेन के लिए फुड खाए

आपके मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए आपको हेल्दी फ़ूड लेने की ज़रूरत है। इसके लिए आपको ओमेगा 3 से भरपूर खाद्य पदार्थ लेने की ज़रूरत है। ओमेगा 3 आपको साल्मन मछली, अलसी के बीज, अखरोठ और ऑलिव ऑयल में मिलता है। इन खाद्य पदार्थो को अपनी डाइट में शामिल करे और ट्रांसफैट को पूरी तरह से हटा दे।

अल्कोहल और दूसरी दवाओ को ना ले

शराब और दवाओ का सेवन या तो ना करे या तो इसे बहुत कम कर दे। कई बार लोग खुद के इलाज के लिए भी इन चीज़ो का इस्तेमाल करते है। लेकिन हक़ीकत में यह चीज़े केवल परेशानी बढाती है।

जीवन में कुछ साधारण बदलाव

हम सभी को अपनी दिनचर्या से प्यार है। हम सभी के अपने शौक है और रोजमर्रा का कार्य है, जिनको हम रोज कई घंटो तक कर सकते है। लेकिन इससे आपका दिमाग़ बिल्कुल भी कार्य नही करता है।

अपने दिमाग़ को यंग रखने के लिए, इसे चैलेंज देना ज़रूरी है। इसके लिए आपको ज़्यादा कुछ नही करना है। बस आप रोज जिस रास्ते से स्टोर पर कुछ खरीदने जाते है, वहां जाने का रास्ता बीच बीच में बदले।

रोज यदि आप सीधे हाथो से दरवाजा खोलते है तो हर दो दिन बाद इसे उल्टे हाथो से खोले। इस तरह से आपका दिमाग़ आदतो से थोड़ा दूर होगा और वापिस ध्यान देने की स्तिथि में आएगा।

 ट्रेन योर ब्रेन – अपने मस्तिष्क को प्रशिक्षित करे

आजकल ब्रेन ट्रैनिंग एक ट्रेंड बन चुका है। आजकल बहुत सारे कोर्सस, वेबसाइट्स और बुक्स मौजूद है जो आपके दिमाग़ को तेज़ी से और अच्छी तरह से काम करने के लिए प्रशिक्षित करती है। यदि आप रोज इन तीन चीज़ो मेमोरी(स्मृति), visualization(दृश्य) और रीजनिंग(तर्क) पर कार्य करते है तो आपका दिमाग़ कुछ भी कार्य करने के लिए तैयार हो जाएगा।

मस्तिष्क एक मसल की तरह है, यदि आप इसकी रोज कसरत नही करेंगे, तो यह अपने स्वर खो देगा। अपने मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए उपर दी गयी टिप्स को ज़रूर फॉलो करे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here