लिव-इन रिलेशनशिप में रहने से पहले इससे जुडी कुछ बाते जरूर जान ले

0
145
Live in Relationship
Image Source ="Pixabay.com"

आजकल हमारे देश में लिव-इन रिलेशनशिप का चलन काफी बढ़ गया है। पहले जहा लोग खुलकर अपने संबधो के बारे में बात तक करने में हिचकिचाते थे वही आजकल वे खुलकर लिव इन में रह रहे है।

जब एक लड़का और लड़की आपसी सहयोग से शादी करे बिना ही एक साथ रहते हैं तो उसे लिव-इन रिलेशनशिप कहा जाता है।

कुछ लोग शादी करने से पहले अपने पार्टनर को परखने के लिए लिव इन में रहते है तो कुछ लोग इसे टाइम पास का साधन समझते है। खेर हर चीज़ का कुछ फायदा और कुछ नुकसान होता है, तो चलिए आज के लेख में हम इससे जुड़ी हर बात को जानते है।

क्या लिव-इन रिलेशनशिप में रहना सही है?

अगर हम अपने भारतीय समाज की बात करे तो हमारे यहाँ शादी से पहले स्त्री-पुरुष के साथ रहने की प्रथा को हमेशा से गलत ही माना जाता है। लेकिन कोर्ट ने इस रिश्ते को लेकर मान्यता दी है। कोर्ट के अनुसार यदि दो वयस्क कपल अपनी मर्जी से एक साथ रह रहे है तो इसे अपराध नहीं माना जायेगा।

हम आपको यह तो नहीं बता सकते है कि आपका लिव-इन में रहना सही है या नहीं लेकिन इससे जुड़े सकारात्मक और नकारात्मक पहलू हम आपके सामने रख देंगे ताकि आपको अपना निर्णय लेने में मदद मिल सके।

लिव-इन रिलेशनशिप के फायदे

मिलने के लिए तरसना नहीं पड़ता: वर्किंग लोगो को अपने पार्टनर से मिलने के लिए वीकेंड का इंतजार करना पड़ता है। पर लिव इन में रहने से उनकी यह समस्या हल हो जाती है और वो ज्यादा से ज्यादा समय एक दूसरे के साथ बिताते है।

ज्यादा वक्त याने ज्यादा मजबूत रिश्ता: आप हर दिन एक दूसरे के साथ बिताते है। जब एक दूसरे के साथ के आदि हो जाते है तो आपका रिश्ता और भी ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद बन जाता है।

खुशी से विवाह के बंधन में बंधते है: लिव में रहते हुए दोनों पार्टनर अपनी-अपनी जिम्मेदारियां बिना किसी दबाव के निभाते हैं। इससे दोनों को अंदाजा लग जाता है की सामने वाला पार्टनर कैसा है। सामने वाले के साथ हमारा भविष्य कैसा रहेगा। सब सही लगता है तो शादी का फैसला ले लिया जाता है।

पैसो की बचत: दोनों एक साथ रहते है तो घर का किराया भी आधा आधा लगता है। खाने पिने से लेकर, आने जाने का खर्च आदि चीज़ो में बचत होती है।

अलग होने के लिए कोर्ट के झमेले नहीं: यदि आपको अपने पार्टनर के साथ लम्बे समय तक रहने के बाद पता चलता है की आपका पार्टनर अच्छा नहीं है, या फिर अब आपके बिच प्यार नहीं है तो आप उससे अलग हो सकते है। आपको किसी कानूनी कार्यवाही को करने की जरूरत नहीं पड़ती है।

लिव-इन रिलेशनशिप के नुकसान

आपका पार्टनर आपको छोड़ सकता है: यह रिश्ता पूरी तरह से स्वतंत्र होता है। ना ही इसमें क़ानूनी और ना ही समझिक दबाव होता है। ऐसे में आपका पार्टनर आपको छोड़ दे तो आप कुछ नहीं कर सकते।

डर के साथ जीना पड़ता है: कही पार्टनर कमिटमेंट ना तोड़ दे। यह डर हमेशा बना रहता है, जिसके चलते आप तनाव में जीने लगते है।

बच्चे की ज़िम्मेदारी: यदि इस दौरान बच्चा हो जाये तो आप दोनों चाहे भविष्य में साथ रहे या न रहे आपको बचे की ज़िम्मेदारी उठानी पड़ती है।

जिंदगी ख़राब हो सकती है: यदि आपके बिच शारीरिक सम्बन्ध बनते है और बाद में आपका रिश्ता नहीं टिक पाता। तो आगे चलकर आपको कोई विवाह के लिए स्वीकारे या नहीं इसकी कोई गेरेंटी नहीं होती।

परिवार दूर चला जाता है: कई लोगो की फैमिली लिव-इन रिलेशनशिप को स्वीकार नहीं करती। ऐसे में आप अपनी फैमिली से दूर हो जाते है।

आप परेशानी में आ सकते है: कोई एक व्यक्ति आपकी गलत वीडियो बनाकर आपको ब्लैकमील कर सकता है।

लिव-इन रिलेशनशिप के तहत कानून

  • अगर आपके साथी की उम्र 18 वर्ष से कम हो तो उसके परिवार वाले आप पर केस कर सकते है। इसलिए इस रिश्ते में रहने से पहले अपने साथी की उम्र पता करलें।
  • अगर लड़की की मर्जी से भी आप शारीरिक सम्बन्ध बनाते है लेकिन यदि उसकी उम्र 18 वर्ष से कम है तो यह रेप की श्रेणी में आएगा।
  • यदि लिव इन के दौरान बच्चा होता है तो उसे क़ानूनी शादी से होने वाले बच्चे जैसे ही अधिकार दिए जायेंगे।
  • सुरक्षा को लेकर जिस तरह के अधिकार विवाहित महिलाओ को दिए गए है उसी तरह के अधिकार लिव इन में रहने वाली लड़कियों को भी दिए गए है।

इसके अलावा भी लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े और भी कई कानून है इसलिए हम आपको यही सलाह देंगे की आप पहले उसके बारे में पता कर ले, फिर ही इस तरह के रिश्ते में रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here