हमारे भारत देश मे चाय पीने के शौकीन बहुत लोग है। यदि कुछ लोगो को चाय न मिले तो उनकी दिन की शुरुवात ही न हो। आपकी सुबह को ऊर्जावान बनाने के लिए चाय का एक प्याला तो बनता ही है बॉस।

आजकल इंटरनेट आदि की सुविधा बढ़ गयी है जिसके चलते लोगो को कई जानकारी आसानी से हासिल हो जाती है। बहुत से लोग हेल्थ एप्स आदि का इस्तेमाल करते है। इसलिए हम कह सकते है की लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा अवेयर हो गए है।

इसलिए वे चाय तो पीना चाहते है लेकिन कुछ हेल्थी तरीके से। जिससे उन्हें चाय की चुस्की भी मिल जाये और चाय से होने वाले नुकसान से भी वो बच जाये। ऐसे मे लोगो का रुख आजकल ग्रीन टी, कैमोमाइल आदि की और ज्यादा बढ़ने लगा है।

लेकिन आज के लेख मे हम आपको ग्रीन टी आदि के बारे में नहीं बता रहे है। हम आपको उस चाय के बारे मे बताना चाहते है जिसके बारे मे लोग बहुत कम जानते है, लेकिन इससे मिलने वाले फायदों की लिस्ट अच्छी खासी है। आज हम आपको कावाचाय के बारे मै बता रहे है।

कावा या कावा कावा पश्चिमी प्रशांत की एक फसल है। इसका साइंटिफिक नाम Piper Methysticum है। कावा एक जड़ है जिसे कई नामो से जाना जाता है जैसे Ava Root, Kao, Kew, Kava Kava आदि।

इस चाय की बात करे तो यह हवाई, पोलीनीशिया, माइक्रोनेशिया और वानातू जैसे देशों मे ज्यादातर पी जाती है। यह एक बहुत ही फायदेमंद हर्ब है, इसलिए हम इसके फायदों के बारे में आपको अवगत करवाना चाहते है।

चिंता- तनाव दूर करे (Anxiety)

यदि आपको बहुत ज्यादा चिंता और तनाव रहता है तो फिर आपको कावा चाय को अपनी दिनचर्या मे शामिल करने के बारे मे जरूर सोचना चाहिए। कावा चाय मे कुछ मात्रा मे बेंज़ोडायज़ेपींस मौजूद होता है जो तनाव दूर करने मे मददगार है।

दरहसल बेंज़ोडायज़ेपींस आपके शरीर मे हार्मोनल संबंधी गतिविधयों को सामान्य करते है और रक्त प्रवाह में से तनाव वाले हार्मोन्स को दूर कर देते है। जिससे चिंता जैसी चीज़े दूर होती है।

Duke University Medical Center द्वारा कहा गया है की यह चाय चिंता और तनाव को दूर करने मे मददगार है और इससे दिल की धड़कनों पर, रक्तचाप पर और सेक्सुअल फ़ंक्शंस पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पढता है।

तनाव दूर करने के लिए यदि इसका इस्तेमाल किया गया है तो आपको यह भी बतादे की इसका प्रभाव बहुत ही माइल्ड है तो परिणाम दिखने में आपको 8 हफ्तों तक का इंतजार करना पड़ सकता है।

मेनोपॉज में सहायक

मेनोपॉज किसी भी महिला का जीवन का बहुत ही कठिन समय होता है। इस दौरान स्त्री में शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के परिवर्तन होते है। इस दौरान महिलाओ में थकान, चिंता, सिरदर्द, वजन का बढ़ना, ह्रदय की धड़कन तेज होना आदि लक्षण दिखाई देते है।

कावा चाय का सेवन हार्मोनल स्वास्थ्य को बढ़ाता है और इन लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद करता है। मेनोपॉज के दौरान इस चाय का सेवन करके महिलाये रजनोवृत्ति के कई लक्षण खासकर मूड मे परिवर्तन, चिंता, चिड़चिड़ापन आदि से दूर रह सकती है।

नींद न आने पर

कावा में शांत करने वाले(tranquilizing )और सेडेटिव गुण होते है। यही वजह है कि आयुर्वेदिक चिकित्सक इसका इस्तेमाल अनिद्रा से पीड़ित लोगो के लिए दवा बनाने मे करते थे। अनिद्रा से बचने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

वजन घटाए

हमारे ख्याल से यह पॉइंट पढ़कर ही कई लोगो के चेहरे पर मुस्कान आ गयी होगी। दरहसल Kava Tea for Weight Loss को लेकर पूरा दावा तो नही करती है। लेकिन इससे मिलने वाले दूसरे प्रभाव के चलते बहुत से लोगो का वजन भी घट सकता है।

जैसा की हमने उपर बताया यह चाय आपको मानसिक शांति देती है। यह शरीर के तनाव को दूर करती  है। इससे आप अच्छी नींद ले पाते है। और हम सभी यह जानते है की चिंता, तनाव, अवसाद यह भी मोटापे के पीछे का एक कारण है। तो यह तो साफ़ बात है की यदि किसी का भी वजन इन कारणों से बढ़ा है तो कावा चाय पीकर, वजन को बेशक घटाया जा सकता है।

  • कहा जाता है कि कावा के सेवन से किसी भी ड्रग की लत को दूर किया जा सकता है। लेकिन अभी यह पूरी तरह से कन्फर्म नही है, इस पर शोध जारी है।
  • जो बच्चे बहुत ज़्यादा हाइपरक्टिव होते है। उनके लिए भी यह एक अच्छा उपचार है। यह अतिसक्रिय तंत्रिकाओ को शांत करती है और स्थिरता लाती है।
  • तनाव के कारण बाल बहुत झड़ते है। इसका सेवन तनाव को दूर कर बाल झड़ने की समस्या को दूर भगा देता है।
  • कावा में कैंसर को रोकने के गुण पाए जाते है। हालाँकि शोधकर्ता अभी इसकी पूरी तरह से पुष्टि करने में सफल नही हुए है। लेकिन संभावना है की भविष्य में यह कैंसर की प्रमुख दवा बन कर आए।
  • कावा में एंटी – इंफ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक गुण भी मौजूद होते है। इसलिए यह सर्दी, ख़ासी, गले में खराश आदि को दूर करती है।

शादियों में लोग एन्जॉय करते है कावा

साउथ पेसिफिक आइलैंड में कावा चाय हमेशा सेलिब्रेशन का हिस्सा रही है। वहा इसे शादियों में व त्योहारों पर पिया जाता है। कुछ दवा कंपनीज़ के अनुसार इसका सेवन सुरक्षित नही है। लेकिन इसके वजह से किसी को होने वाले नुकसान की खबर अब तक सामने नही आई है। द्वीपो पर लोग काम ख़तम होने के बाद इसे आमतौर पर पीते है।

इसे बनाने की विधि

इसे बनाना काफ़ी आसान है।। आप किसी भी हेल्थ स्टोर से कावा टी पाउडर खरीद सकते है। इसके बहुत सारे ब्रांड्स मिलते है। इसका अच्छा ब्रांड ही ख़रीदे।

  1. पाउडर को पानी में मिक्स कर ले
  2. अच्छे से हिलाए और छान ले।
  3. इसकी पाउडर की मात्रा आप अपने टेस्ट के हिसाब से ले सकते है।
  4. आप टाइम बचाना चाहते है तो टी बैग्स भी खरीद सकते है। इसे आपको केवल पानी में डुबोना होता है।
  5. इस चाय के लिए गरम नही बल्कि ठंडे पानी का इस्तेमाल करना है।

एक बार डॉक्टर से डिसकस कर सकते है

जर्मन कमिशन इ के अनुसार कावा कुछ चीज़ो के साथ इस्तेमाल करना सही नही है जैसे की शराब, अवसाद विरोधी दवा, barbiturates और ऐसे अन्य एजेंट जो केंद्रिय तंत्रिका तंत्र पर काम करते है। इसके अलावा प्रेग्नेंट लेडी, पार्किसन रोग से पीढ़ीत मरीज आदि को इस चाय का सेवन करना वर्जित है।

कावा चाय को बहुत ज़्यादा समय तक इस्तेमाल नही करना चाहिए। बहुत से देशो में इसकी बिक्री को भी बहुत कम ही रखा गया है क्योकि कुछ मामलो में यह विषाक्त भी साबित हो सकती है। इसके वजह से जिगर की समस्या, चेहरे की सूजन तथा साँस लेने में तकलीफ़ हो सकती है।

इसलिए हम आपको यही राय देंगे चाहे आपको कोई परेशानी हो या ना हो इसे लेने से पहले आपको एक बार डॉक्टर से ज़रूर डिसकस कर लेना चाहिए।

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